साइबर सुरक्षा एवं एआई-एमएल के क्षेत्र में युवाओं का हुआ कौशल संवर्धन

भोपाल 

मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा उद्योग साझेदार एवं एसएसआरजीएसपी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में 400 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान कर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी,बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, ओरिएंटल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस और एआईएसईसीटी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य साइबर सुरक्षा और एआई एवं एमएल जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं के कौशल का विकास करना और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना था।

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक मई को हरसूद में वन समितियों एवं जनजातीय सम्मेलन में होंगे शामिल

समापन दिवस पर आयोजित तकनीकी सत्रों में डेटा सुरक्षा, सुरक्षित कोडिंग और  साइबर खतरों की पहचान और प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। “ डेटा सिक्योरिटी फंडामेंटल्स” सत्र में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, डेटा गवर्नेंस एवं नियामकीय अनुपालन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। वहीं “सिक्योर कोडिंग एंड डेवलपर सिक्योरिटी प्रैक्टिसेज” सत्र में सॉफ्टवेयर विकास प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

ये भी पढ़ें :  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर की गेर में हुये हादसे पर शोक व्यक्त किया

“सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (एसओसी), थ्रेट डिटेक्शन, मॉनिटरिंग एंड रिस्पॉन्स” विषयक सत्र में प्रतिभागियों को आधुनिक साइबर सुरक्षा तंत्र, एसआईईएम प्लेटफॉर्म, एंडपॉइंट डिटेक्शन सिस्टम तथा वल्नरेबिलिटी स्कैनिंग उपकरणों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। साथ ही साइबर खतरों की पहचान और रोकथाम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर भी जानकारी साझा की गई।

ये भी पढ़ें :  प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के साथ जावर में बन रहे सांदीपनि सीएम राइज स्कूल के भवन का किया निरीक्षण

उल्लेखनीय है कि 400 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता वाला यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश में तकनीकी कौशल विकास को प्रोत्साहित करने तथा मध्यप्रदेश को डिजिटल प्रतिभा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

Share

Leave a Comment